Haryana News: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार का दिन विधेयकों, आरोपों और आश्वासनों के नाम रहा। सदन में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विनियोग विधेयक संख्या-4 (संशोधन) 2025 पेश किया, लेकिन चर्चा का केंद्र सरकार से ज्यादा वे वादे बन गए, जिनके पूरे न होने का आरोप विपक्ष ने लगाया।
कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने पूर्व विधायकों को मिलने वाले मेडिकल और यात्रा भत्ते का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले 10 हजार रुपये मेडिकल भत्ता और एक लाख रुपये यात्रा भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक यह फैसला फाइलों से बाहर नहीं आया। बत्रा के मुताबिक, पूर्व विधायक लगातार संपर्क कर रहे हैं और सरकार को इसे टालने के बजाय तुरंत लागू करना चाहिए।
इसी बहस में उन्होंने मौजूदा विधायकों के यात्रा भत्ते को भी नाकाफी बताया और इसमें निश्चित बढ़ोतरी की मांग रखी। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने पूरे विषय पर विचार कराने का आश्वासन देकर चर्चा को आगे बढ़ाया।
चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने अपने क्षेत्र की बाढ़ राहत परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह योजना पिछले चार साल से अटकी हुई है और जमीन पर कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही, जबकि हर मानसून में हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
इसके बाद सदन में हरियाणा विनियोग विधेयक संख्या-5 (संशोधन) पारित किया गया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हरियाणा तकनीकी शिक्षा अतिथि संकाय (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक रखा। कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि अनुबंधित अध्यापकों को सेवा सुरक्षा तो मिली है, लेकिन वेतन और अन्य लाभों को लेकर अब तक कोई अधिसूचना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद विधेयक सर्वसम्मति से पास हो गया।
सत्र के अगले चरण में निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश हुआ। कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय उद्योग की जरूरतों के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार करते हैं, इसलिए उनकी मांग बनी रहती है। उन्होंने चेताया कि संशोधन के बाद गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने निजी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने नॉन-अटेंडिंग कोर्स, बिना प्रैक्टिकल परीक्षा के डिग्रियों और दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों द्वारा हरियाणा में परीक्षा कराने जैसे मामलों पर कड़ी निगरानी की मांग की।
इसी मुद्दे पर बीबी बत्रा ने निजी विश्वविद्यालयों में अधिक फीस वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने फीस निर्धारण और प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई और प्रशासक नियुक्ति से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्ति दर्ज कराई।
कांग्रेस नेता आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार जरूरी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संशोधन के चलते नए पाठ्यक्रमों की मंजूरी में देरी हो सकती है और विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता सीमित हो जाएगी।
जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि विपक्ष के सुझावों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों के कामकाज में दखल देना नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाना है। चर्चा के बाद यह विधेयक भी पारित कर दिया गया।
सदन में इसके बाद हरियाणा आबादी देह स्वामित्व अधिकारों के निहितिकरण, अभिलेखन और संसाधन संशोधन विधेयक पेश किया गया। स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि इससे करीब 25 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत 1500 पटवारियों की नियुक्ति और शिकायत निवारण के लिए विशेष सेल बनाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आबादी देह पर बने मकानों को अब कानूनी मालिकाना हक मिलेगा, जिससे लोग बैंक से कर्ज ले सकेंगे और संपत्ति का लेन-देन भी कर पाएंगे। सदन ने इस विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
दिन के अंत में हरियाणा आवासन बोर्ड संशोधन विधेयक 2025 भी चर्चा के लिए रखा गया और बिना विरोध के पारित कर दिया गया।







