हरियाणा। करीब एक महीने तक आपरेशन ट्रैकडाउन (Operation Trackdown) चलाकर 3066 कुख्यात बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली हरियाणा पुलिस अब अपना दूसरा चेहरा दिखाने जा रही है। डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार को सभी पुलिस अधिकारियों को आपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन (Operation Hotspot Domination) चलाने के निर्देश जारी किए हैं। इस बार का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि समाज सेवा के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने पर है।
अपराधियों पर नकेल और समाज सेवा साथ-साथ
राज्य भर की पुलिस अब गांवों और शहरों में उन अड्डों को निशाना बनाएगी जहां चोरी-छिपे नशे का धंधा चलता है, जुआ खेला जाता है, सट्टेबाजी होती है या आवारागर्दी का माहौल है। लेकिन सिर्फ पकड़-धकड़ नहीं होगी। पुलिस यह भी देखेगी कि किन इलाकों में सफाई की समस्या है, बिजली नहीं आती, महिलाओं को आने-जाने में दिक्कत होती है। वहां प्रशासन से समन्वय कर सफाई और बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी।
सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को कंबल-रजाई की दरकार होती है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों के समाजसेवी संगठनों और लोगों से संपर्क साधकर इसका इंतजाम करवाएं। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि कोई भी व्यक्ति उनके इलाके में सर्दी से ठिठुरे नहीं और भूखा न सोए।

सभी थाना प्रभारियों को भेजा पत्र
डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार को थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों, एसीसी-डीएसपी, एसपी-सीपी, डीआईजी-आईजी, एडीजीपी, एसटीएफ (STF), इन्फोर्समेंट और एचएसएनसीबी (HSNCB) के अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र पर उनकी फोटो के साथ साइन भी हैं।
पत्र में उन्होंने 5 से 27 नवंबर तक चले आपरेशन ट्रैकडाउन के लिए सभी अधिकारियों की पीठ ठोंकी है और कहा है कि इस अभियान से लोगों को बड़ी राहत मिली है। सैकड़ों अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जेल में बंद अपराधियों पर भी नजर
डीजीपी ने साफ निर्देश दिए हैं कि जेल में बंद बदमाशों से मिलने-जुलने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। जेलरों से तालमेल बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि जेल के अंदर से भी ये लोग अपनी गतिविधियां शुरू न कर दें।
जिन अपराधियों को इस दौरान बेल मिली है, उनकी भी अच्छी तरह निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। देखना होगा कि वे बेल की शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। अगर कोई दोबारा नाखून-दांत दिखाए तो उसकी बेल कैंसिल करवाकर तुरंत जेल भिजवाया जाए। उनकी बेल लेने वालों की भी जानकारी रखनी होगी।
312 फरार अपराधी अभी भी बाहर
हरियाणा में फिलहाल 312 चिन्हित अपराधी फरार चल रहे हैं। डीजीपी ने इन्हें गिरफ्तार करने के प्रयासों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों से कहा गया है कि इन फरारों की सूची पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ शेयर करें। उनके फोटो जनता में बंटवाकर ठिकानों की सूचना जुटाने की कोशिश की जाए। साथ ही, उन्हें पीओ (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर यानी भगोड़ा) घोषित कराया जाए और लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी करवाए जाएं।
पासपोर्ट रद करवाओ, हथियारों पर लगाम कसो
डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि कई कुख्यात अपराधियों के तार विदेश से जुड़े होते हैं। ऐसे में सभी का पासपोर्ट रद कराने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
साथ ही, अवैध हथियारों पर सख्ती का निर्देश दिया गया है। हथियार बनाने, बेचने और खरीदने वालों को ढूंढ-ढूंढकर जेल भेजा जाए। गन हाउस का पूरा हिसाब रखा जाए क्योंकि इनमें से कुछ अपराधियों को ब्लैक में कारतूस बेचते हैं।
काली कमाई की संपत्ति होगी जब्त
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अपराधियों की सैकड़ों करोड़ की काली कमाई की सूची तैयार हो चुकी है। अब इस संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया पूरी की जाए।
अवैध कब्जों को प्रक्रिया के अनुसार ढहाने में सिविल प्रशासन की मदद की जाए। इन अपराधियों की हिस्ट्री शीट (History Sheet) भी अप-टू-डेट रखी जाए।









