दिल्ली की सर्दी अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रही। सोमवार सुबह राजधानी के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सड़कों पर दृश्यता अचानक घट गई। ऑफिस जाने वाले लोग हों या स्कूल बसें हर किसी को रफ्तार कम करनी पड़ी। कुछ जगहों पर तो सामने की गाड़ियां भी मुश्किल से नजर आईं।
एयरपोर्ट पर असर, उड़ानों की कतारें
खराब मौसम का सबसे सीधा असर हवाई सफर पर दिखा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर दिनभर उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ा रहा। एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को 500 से ज्यादा फ्लाइट अपने तय समय से लेट रहीं। औसतन यात्रियों को आधे घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
इसी बीच कुल 14 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें छह फ्लाइट दिल्ली आने वाली और आठ यहां से रवाना होने वाली थीं। रद्द होने वाली उड़ानों में कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी शामिल रहीं, जिससे विदेश जाने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।

रोजाना 1300 उड़ानों वाला एयरपोर्ट
दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाली दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के मुताबिक यह देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां आम तौर पर हर दिन करीब 1300 उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे में मौसम में थोड़ी सी भी गड़बड़ी पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर देती है।
हवा भी नहीं दे रही राहत
सिर्फ कोहरा ही नहीं, हवा की हालत भी राजधानी के खिलाफ रही। सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। 24 घंटे का औसत एक्यूआई 373 रहा, जो सामान्य से कई गुना ज्यादा है।
39 निगरानी केंद्रों में से 12 ने ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा दर्ज की, जबकि 27 केंद्रों पर स्थिति ‘बेहद खराब’ रही। सबसे चिंताजनक हालात आनंद विहार में देखने को मिले, जहां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार एक्यूआई 425 तक पहुंच गया।
एनसीआर में भी हालात खराब
दिल्ली के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी हवा साफ नहीं रही। एनसीआर में दिल्ली के बाद सबसे खराब स्थिति नोएडा की रही, जहां एक्यूआई 366 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड, कम हवा की रफ्तार और प्रदूषण मिलकर हालात को और बिगाड़ रहे हैं।









