झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। सिलानी गांव के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र यशु चाहर की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए एसआईटी (SIT) ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी डार्क क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं हैं। आरोपी इंद्रसेन ने अपने ही भांजे यशु को मौत के घाट उतारने के लिए तीन दिन पहले ही कब्र खोद ली थी।
तीन दिन पहले खोदी गई थी 5 फीट गहरी कब्र
एसीपी प्रदीप नैन के नेतृत्व में चल रही जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई आवेश में आकर की गई हत्या नहीं थी, बल्कि एक कोल्ड ब्लडेड मर्डर था। आरोपी इंद्रसेन ने वारदात को अंजाम देने से तीन दिन पहले ही रोहतक के आईएमटी (IMT) क्षेत्र में पांच फीट गहरा गड्ढा खोद दिया था। यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि हत्या की साजिश बेहद बारीकी से रची गई थी।
नशे का जाल और बंधक बनाने की खौफनाक दास्तां
जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर को अपहरण करने के बाद आरोपी ने यशु को चरखी दादरी के बिगोवा स्थित एक निजी स्कूल में कैद कर रखा था। वहां उसे भारी मात्रा में नशीले पदार्थ दिए गए, ताकि वह विरोध करने की स्थिति में न रहे। 5 जनवरी को जब यशु पूरी तरह सुध-बुध खो चुका था, तब आरोपी उसे अपनी वैगनआर कार में डालकर पीजीआई रोहतक की पार्किंग में ले गया, जहां उसकी निर्मम हत्या कर दी गई और शव को पहले से तैयार गड्ढे में दफना दिया गया।
सांत्वना का मुखौटा और डिजिटल गुमराह
इस केस का सबसे डरावना पहलू आरोपी का दोहरा चरित्र है। एक तरफ वह यशु की जान ले चुका था, वहीं दूसरी तरफ वह पीड़ित परिवार (जो सेना की पृष्ठभूमि से है) के घर जाकर सांत्वना देने का नाटक करता रहा। पुलिस को चकमा देने और परिवार को गुमराह करने के लिए उसने यशु के मोबाइल से 18 जनवरी, 26 जनवरी और 15 फरवरी को मैसेज भेजे, ताकि सबको लगे कि यशु अभी जिंदा है और कहीं बाहर है।
सीन री-क्रिएशन
पुलिस ने आरोपी को बिगोवा के उसी स्कूल में ले जाकर सीन री-क्रिएट करवाया, जहां यशु को टॉर्चर किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के केस ‘क्रिमिनल साइकोलॉजी’ के उस स्तर को दर्शाते हैं जहां अपराधी पकड़े जाने के डर से बचने के लिए परिवार के सबसे करीब रहने की कोशिश करता है। सेना से जुड़े परिवार के अनुशासन और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।










