Haryana News: हरियाणा सरकार ने अगले दो दशकों के लिए अपना विजन (Vision) साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तैयार ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ में राज्य की तस्वीर कुछ यूं खींची गई है—50 लाख नए रोजगार, एक ट्रिलियन डॉलर यानी दस खरब रुपये की अर्थव्यवस्था (Economy), और युवाओं के लिए स्टार्टअप्स की नई दुनिया।
ये सिर्फ कागजी योजना नहीं है। राज्य सरकार ने ‘मिशन हरियाणा-2047’ नाम से एक हाई-लेवल टास्क फोर्स (Task Force) का गठन भी कर दिया है, जिसने काम शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री के विकसित भारत से जुड़ा विजन
इस विजन डॉक्यूमेंट को पीएम नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने के साथ तालमेल (Coordination) बिठाते हुए तैयार किया गया है। केंद्र सरकार का जो राष्ट्रीय विजन है—आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त, सक्षम, समावेशी और तकनीकी रूप से उन्नत भारत—उसमें हरियाणा की भागीदारी क्या होगी, ये इस दस्तावेज में साफ किया गया है।
हरियाणा पहले से ही देश के औद्योगिक और कृषि मानचित्र पर अहम जगह रखता है। अब सवाल ये है कि 2047 तक इसे कैसे और आगे ले जाया जाए।
शिक्षा, खेती, स्वास्थ्य—सबका रोडमैप तैयार
विजन डॉक्यूमेंट में सिर्फ रोजगार की बात नहीं है। इसमें शिक्षा सुधार (Education Reform), कृषि-किसानी, तेज आर्थिक विकास, और स्वास्थ्य सुविधाओं (Health Facilities) को भी प्राथमिकता दी गई है।
यानी सरकार का फोकस सिर्फ नंबर गेम पर नहीं, बल्कि समग्र विकास (Holistic Development) पर है। हालांकि इस तरह के विजन को जमीन पर उतारना आसान नहीं होता—खासतौर पर जब बात 23 साल के लंबे समय की हो।
स्टार्टअप्स के लिए खास पैकेज
युवाओं के लिए सबसे बड़ी बात ये है कि उन्हें स्टार्टअप्स (Startups) शुरू करने के लिए खासा प्रोत्साहन मिलेगा। इंटर्नशिप (Internship), मेंटरशिप (Mentorship), और सस्ता इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) मुहैया कराने के लिए ‘हरियाणा वेंचर कैपिटल फंड’ (Haryana Venture Capital Fund) बनाया जाएगा।
इतना ही नहीं, निजी निवेशकों (Private Investors) को भी दो हजार करोड़ रुपये का एक ‘फंड ऑफ फंड्स’ (Fund of Funds) बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मकसद साफ है—हरियाणा को नवाचार और उद्यमिता (Innovation and Entrepreneurship) का हब बनाना।
क्या ये विजन जमीनी हकीकत बनेगा?
फिलहाल ये दस्तावेज तैयार हो चुका है। अब देखना ये होगा कि सरकारी मशीनरी इसे कितनी गंभीरता से लागू करती है। 50 लाख रोजगार और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था—दोनों ही लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन नामुमकिन नहीं।
हरियाणा में पहले से मजबूत इंडस्ट्रियल बेस है, दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी है, और युवा आबादी भी अच्छी-खासी है। बस जरूरत है सही नीतियों और निरंतर निगरानी की।










