फरीदाबाद (NNS Desk): दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर फरीदाबाद के पुरानी भूपानी गांव में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां दो परिवारों के बीच छिड़े ‘अपनों के युद्ध’ को शांत कराने पहुंची पुलिस खुद हिंसा का शिकार हो गई। हालात इस कदर बेकाबू हुए कि गुस्साई भीड़ ने न केवल पुलिस टीम को घेर लिया, बल्कि एक वर्दीधारी जवान को सरेआम जमीन पर पटक कर उसके साथ बदसलूकी की।
विवाद की जड़: रोहतास फौजी बनाम राजपाल
मामले की शुरुआत गांव के ही दो रसूखदार परिवारों, रोहतास फौजी और राजपाल के बीच हुई मामूली कहासुनी से हुई। लेकिन देखते ही देखते यह बहस गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडों तक पहुंच गई। जब राजपाल के परिवार को लगा कि हालात हाथ से निकल रहे हैं, तो उन्होंने मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल किया। उम्मीद थी कि खाकी के पहुंचते ही उपद्रवी शांत हो जाएंगे, लेकिन यहां कहानी ने एक खौफनाक मोड़ ले लिया।
जब रक्षक ही बन गए निशाना
जैसे ही पुलिस की गाड़ी गांव में दाखिल हुई, उपद्रवियों का गुस्सा पुलिस की ओर मुड़ गया। चश्मदीदों के मुताबिक, भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि उन्होंने पुलिसकर्मियों की बात सुनने के बजाय उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी के बीच एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाया गया और उसे जमीन पर पटक दिया गया। यह मंजर देख गांव में हड़कंप मच गया और पुलिस टीम को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
भारी फोर्स का मार्च और एक्शन
अपने ही जवानों पर हुए हमले की खबर मिलते ही जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। भारी पुलिस बल के गांव में दाखिल होते ही हमलावर तितर-बितर हो गए। घायल सिपाही को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्दी पर हाथ डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और दोषियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।










