फरीदाबाद/अलीगढ़: हरियाणा के नूंह कांड से चर्चा में आए स्वयंभू गौरक्षक बिट्टू बजरंगी (राजकुमार) इस बार किसी विवादित बयान या जेल की खबरों के कारण नहीं, बल्कि खुद के साथ हुई एक बड़ी धोखाधड़ी को लेकर सुर्खियों में हैं। जिस बिट्टू बजरंगी का नाम सुनते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ जाती थी वही बिट्टू अब अलीगढ़ के एक ‘शादी स्कैम’ का शिकार हो गए हैं।
मामला इतना फिल्मी है कि बिट्टू बजरंगी बारात लेकर दुल्हन के दरवाजे तक पहुंचे, लेकिन वहां न शहनाई थी और न ही मंडप, सिर्फ सन्नाटा और ठगी का अहसास था।
कैसे बुना गया ठगी का ताना-बाना?
जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी निवासी बिट्टू बजरंगी अपने विवाह के लिए किसी सुयोग्य कन्या की तलाश में थे। इसी बीच एक पड़ोसी के जरिए उनकी मुलाकात बंटी नामक एक बिचौलिए से हुई। बंटी ने अलीगढ़ की एक युवती से रिश्ता तय करवाने का झांसा दिया।
बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और शादी का सौदा 1 लाख 20 हजार रुपये में तय हुआ। यह रकम कथित तौर पर शादी की रस्मों और लड़की पक्ष की मदद के नाम पर मांगी गई थी।
डिजिटल पेमेंट से शुरू हुआ खेल
ठगों की योजना इतनी पुख्ता थी कि उन्होंने बिट्टू का भरोसा जीतने के लिए बाकायदा रस्मों का नाटक किया। 5 सितंबर 2025 को टोकन मनी के तौर पर 3,000 रुपये लिए गए। इसके बाद लड़की पक्ष के कुछ लोग फरीदाबाद स्थित बिट्टू के घर भी आए ताकि कोई शक न रहे। शादी की तारीख 7 सितंबर तय की गई और इस दौरान अलग-अलग किश्तों में करीब 30 हजार रुपये और ऐंठ लिए गए।
अलीगढ़ में कटा ‘बारात’ का अपमानजनक टिकट
तय कार्यक्रम के अनुसार, बिट्टू बजरंगी अपने सगे-संबंधियों और दोस्तों के साथ गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर अलीगढ़ पहुंचे। लेकिन जैसे ही बारात दिए गए पते पर पहुंची, वहां का नजारा देख सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस घर का पता दिया गया था, वहां कोई शादी नहीं थी।
बिचौलिए बंटी और उसके साथी प्रदीप के फोन स्विच ऑफ आने लगे। घंटों इंतजार और छानबीन के बाद बिट्टू को समझ आया कि वह एक संगठित ‘मैरिज फ्रॉड’ गिरोह के चंगुल में फंस चुके हैं। अंततः, बिट्टू बजरंगी को बिना दुल्हन के ही बैरंग फरीदाबाद लौटना पड़ा।
कानूनी कार्रवाई और गिरोह का अंदेशा
इस घटना से आहत बिट्टू बजरंगी ने फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी पुलिस चौकी में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि यह अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कोई ऐसा गिरोह है जो रसूखदार या अकेले पुरुषों को शादी का झांसा देकर लूटता है।
गौर करने वाली बात यह है कि बिट्टू बजरंगी खुद कई गंभीर मामलों में आरोपी रहे हैं और हाल ही में उन्होंने विधानसभा चुनाव से अपना पर्चा वापस लिया था। ऐसे में एक हाई-प्रोफाइल व्यक्ति का इस तरह के ‘हनीट्रैप’ या ‘मैरिज फ्रॉड’ का शिकार होना साइबर और सोशल क्राइम के बढ़ते ग्राफ को दर्शाता है।
यह केस सबक है कि शादी जैसे संवेदनशील मामलों में बिना पुख्ता वेरिफिकेशन के डिजिटल ट्रांजेक्शन करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।











