Gurugram News: गुड़गांव की एक अदालत ने 2019 में हुए कैब ड्राइवर जयपाल सिंह के अपहरण और बेरहमी से हत्या के मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुना दी है। एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार दीवान की कोर्ट ने सोमवार को साकिब अंसारी, प्रिंसपाल और पंकज सिंह को दोषी ठहराया। कोर्ट ने हर आरोपी पर कुल डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना भी ठोका।
वो रात जब जयपाल लापता हो गया
21 नवंबर 2019 की रात करीब दस बजे। जेवर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला जयपाल सिंह अपनी पर्सनल कार से साइबर सिटी से एक यात्री दानेश को पालम विहार के सी-2 ब्लॉक छोड़ने गया था। यात्री को ड्रॉप करने के बाद वो गाड़ी लेकर निकला लेकिन न तो साइबर सिटी वापस लौटा, ना ही शीशपाल विहार स्थित अपने घर पहुंचा।
कार मालिक सुरजन सिंह चौहान उर्फ अर्जुन ने दो दिन इंतज़ार किया, फिर 23 नवंबर को पालम विहार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरू में तो मामला सामान्य लापता व्यक्ति का लगा, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है।

लिफ्ट मांगी, ब्लेड अड़ा दिया और फिर…
पुलिस ने जब गहराई से छानबीन की तो मामला खुलता चला गया। 19 दिसंबर 2019 को तीन लड़के पकड़े गए – मुजफ्फरनगर के साकिब अंसारी (तब 26), प्रिंसपाल (23) और रानीखेत (उत्तराखंड) के पंकज सिंह (24)।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ वो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। इन तीनों ने बताया कि उन्होंने पालम विहार इलाके में जयपाल की कार को लिफ्ट मांगी। जैसे ही कार रुकी, साकिब ने पीछे से जयपाल के गले पर ब्लेड चला दिया। फिर कंबल से गला घोंटकर मार डाला। शव को शंकर चौक से हनुमान मंदिर वाली सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और ऊपर से पत्थर रखकर ढक दिया।
फिर आराम से जयपाल का मोबाइल और कार लेकर फरार हो गए।
शव मिला आरोपियों की निशानदेही पर ही
आरोपियों की बताई जगह पर पुलिस पहुंची तो झाड़ियों के नीचे से जयपाल का शव बरामद हुआ। इसके बाद केस में हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराएं जोड़ दी गईं। कार भी बाद में बरामद कर ली गई।
कोर्ट ने एक-एक धारा पर अलग-अलग सजा सुनाई
लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला आया। कोर्ट ने आरोपियों को ये सजाएं ठोकीं:
- धारा 302 (हत्या) व 34 IPC – उम्रकैद + 50 हजार जुर्माना प्रत्येक
- धारा 364 (अपहरण) व 34 – उम्रकैद + 50 हजार जुर्माना
- धारा 201 (सबूत मिटाना) व 34 – 7 साल कैद + 25 हजार जुर्माना
- धारा 397 (लूट के दौरान हथियार का इस्तेमाल) व 34 – 7 साल कैद + 25 हजार जुर्माना
सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मतलब तीनों अब जिंदगी भर जेल में ही सड़ेंगे, जब तक कोई अपील में राहत न मिल जाए।
छह साल पुराना ये मामला गुड़गांव में कैब ड्राइवरों के बीच उस वक्त काफी चर्चा में रहा था। अब कम से कम जयपाल के परिवार को ये सुकून तो मिला कि गुनहगारों को सजा हो गई।









