Haryana News: लंबे समय से हरियाणा के सरकारी दफ्तरों में एक अजीब सी बेचैनी थी – सीनियर अफसर को जूनियर से कम वेतन मिल रहा था। अब जाकर वित्त विभाग ने इस पुरानी शिकायत पर मुहर लगा दी है। सीनियर को राहत मिलेगी लेकिन शर्तों के साथ।
पहले क्या था पूरा माजरा?
दरअसल, कई बार ऐसा होता है कि जूनियर कर्मचारी को किसी खास वजह से ज्यादा पे-स्केल (pay scale) या जल्दी प्रमोशन मिल जाता है। फिर सीनियर साथी को देखकर मन मारना पड़ता था। दफ्तरों में चाय की टपरी से लेकर मीटिंग रूम तक यही चर्चा रहती – “हमसे जूनियर को ज्यादा सैलरी, ये क्या न्याय है भाई?”
वित्त विभाग ने खोला पिटारा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अगुवाई वाले वित्त विभाग ने अलग-अलग पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि अब सीनियर कर्मचारियों का वेतन “स्टेपिंग अप” (stepping up) किया जाएगा, यानी जूनियर के बराबर कर दिया जाएगा। लेकिन ये सुविधा तभी मिलेगी जब सीनियर कर्मचारी एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम (Assured Career Progression – ACP) के 2016 नियमों के तहत पात्र हो।

अगर जूनियर को कोई पर्सनल बेनिफिट (personal benefit) जैसे कोर्ट केस जीतने या किसी स्पेशल ऑर्डर की वजह से ज्यादा वेतन मिल रहा है, तो सीनियर का वेतन नहीं बढ़ेगा। मतलब साफ है – सबके लिए एक जैसा नियम नहीं।
किनको कर्मचारियों को होगा फायदा?
सूत्र बता रहे हैं कि हजारों कर्मचारी, खासकर जो 10-15 साल से ज्यादा सर्विस कर चुके हैं और ACP के तहत अगला ग्रेड पा चुके हैं, उन्हें फायदा होगा। HCS (Haryana Civil Services) कैडर से लेकर क्लास-3, क्लास-4 तक के कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “बहुत दिनों से ये मांग चल रही थी। अब जाकर राहत मिली है। दफ्तर में आज चाय-पानी ज्यादा हो रहा है।”
आगे क्या होगा अब?
वित्त विभाग ने सभी डिपार्टमेंट को निर्देश दे दिया है कि पात्र कर्मचारियों के केस जल्दी से जल्दी प्रोसेस करें। अब देखना ये है कि कितने दिनों में असली बढ़ोतरी अकाउंट में दिखने लगेगी।
फिलहाल हरियाणा के सरकारी मुलाजिमों के चेहरे पर मुस्कान है। जूनियर-सीनियर का झगड़ा थोड़ा कम हुआ तो बुराई क्या है!









