पंचकूला। हरियाणा की महिलाओं का हुनर अब सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। पापड़-अचार से लेकर डिजिटल मार्केटिंग तक—हर क्षेत्र में उनकी मेहनत रंग ला रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पंचकूला में आयोजित सेल्फ-हेल्प ग्रुप (Self-Help Group) कॉन्फ्रेंस में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 65,000 से ज्यादा स्वयं सहायता समूह मजबूती से काम कर रहे हैं।
सीएम ने कहा, “आज की महिला सिर्फ रोजी-रोटी नहीं कमाती, बल्कि समाज का भविष्य गढ़ती है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब गांव की कोई लड़की सिलाई मशीन पर काम शुरू करती है या डेयरी का बिजनेस खड़ा करती है, तो वह अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाती है।
PM मोदी ने भी की थी तारीफ
सीएम सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जुलाई 2024 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में रोहतक की हैंडलूम इंडस्ट्री (Handloom Industry) और वहां की महिलाओं के काम की खुलकर प्रशंसा की थी।

रोहतक जिले में 250 से ज्यादा महिलाएं ब्लॉक प्रिंटिंग (Block Printing) और डाइंग के काम में जुटी हैं। इन्हें सेल्फ-हेल्प ग्रुप से जुड़ने के बाद ट्रेनिंग मिली और अब ये अपने पैरों पर खड़ी हैं।
शंकर की ढाणी से लेकर चंदू गांव तक—सफलता की कहानियां
गुरुग्राम के शंकर की ढाणी गांव में ‘शंकर सेल्फ-हेल्प ग्रुप’ की 250 महिलाएं 150 से ज्यादा घरों से दूध इकट्ठा करके डेयरी चला रही हैं। वे मिठाई की दुकान संभालती हैं, बाजरे के लड्डू और खिचड़ी बनाती हैं।
इसी तरह गुरुग्राम के चंदू गांव की पूजा शर्मा को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 पर राष्ट्रपति ने ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ (Nari Shakti Award) से नवाजा था।
सैनी ने कहा कि महिलाएं अब सिर्फ पारंपरिक कामों में ही नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन मार्केटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
एक ब्लॉक-एक उत्पाद को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पद्मा योजना (PADMA Scheme) के तहत ‘वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट’ (One Block-One Product) को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि हर इलाके के खास उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।
“हर इलाके का अपना खास प्रोडक्ट होता है। इसे आगे बढ़ाने में SHG की महिलाओं का अनुभव बेहद अहम है,” उन्होंने कहा।
निवेश सीमा में जबरदस्त बढ़ोतरी
सरकार ने माइक्रो इंडस्ट्रीज (Micro Industries) के लिए निवेश सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी है। वहीं छोटे उद्योगों के लिए 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ और मध्यम स्तर के उद्योगों के लिए 10 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये की गई है।
सीएम ने अपील की कि महिलाएं देसी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे उद्योग लगाएं, ताकि राज्य और देश दोनों आत्मनिर्भर बनें।
548 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद
अब तक विभिन्न तरह की वित्तीय सहायता के रूप में लगभग 548 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (Community Investment Fund) को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये और रिवॉल्विंग फंड (Revolving Fund) को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये किया गया है।
इसके अलावा, महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक के लोन पर स्टाम्प ड्यूटी से भी छूट दी गई है।
लाडो लक्ष्मी योजना और गैस सिलेंडर सब्सिडी
सैनी ने कहा कि सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं। पहले बजट में ही ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ (Lado Lakshmi Scheme) के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़ रहे हैं और पहली किस्त जारी हो चुकी है। दूसरी किस्त भी जल्द आएगी।
साथ ही, 1.8 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं।
बदलाव सिर्फ आर्थिक नहीं, सामाजिक भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों ने न सिर्फ आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि आत्मविश्वास (Self-Confidence), नेतृत्व क्षमता (Leadership) और उद्यमिता (Entrepreneurship) को भी बढ़ावा दिया है।
“गांवों में महिलाओं के प्रति बदलती सोच, घर में बढ़ता सम्मान और समाज में उभरती सकारात्मक ऊर्जा—यह सब SHG के योगदान का नतीजा है,” उन्होंने कहा।
सीएम सैनी ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत के विजन को पूरा करने में इन समूहों की भूमिका अहम है। “जितना ज्यादा आप योगदान देंगे, उतनी ही जल्दी हम अपने लक्ष्य हासिल कर पाएंगे।”









