गोवा जिला पंचायत चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में साफ रुख दिखा दिया है। भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के एनडीए गठबंधन को जनता ने खुलकर समर्थन दिया है। नतीजों के सामने आते ही सियासी हलचल तेज हो गई और दिल्ली से लेकर पणजी तक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया: गोवा को बताया सुशासन की मिसाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जीत पर खुशी जताते हुए गोवा की जनता का आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि गोवा सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि सुशासन और प्रगतिशील राजनीति का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने लिखा कि जिला पंचायत चुनावों में भाजपा-एमजीपी (एनडीए) परिवार को मिला समर्थन विकास के प्रयासों को और गति देगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गोवा के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जमीनी मेहनत का मिला इनाम
प्रधानमंत्री ने नतीजों का श्रेय सीधे तौर पर एनडीए कार्यकर्ताओं को दिया। उनका कहना था कि बूथ स्तर तक किए गए समर्पित और लगातार प्रयासों का असर नतीजों में साफ दिखा है। यह संकेत है कि संगठन की पकड़ अब स्थानीय स्तर पर और मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री सावंत का दावा: गोवा में भाजपा नंबर वन
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी चुनावी जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि गोवा ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा-एमजीपी (एनडीए) गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को बधाई दी और इसे मजबूत जनादेश करार दिया।
डबल इंजन सरकार पर जनता का भरोसा
मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि यह परिणाम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महासचिव नितिन नबीन के मार्गदर्शन में चल रही डबल इंजन सरकार में जनता के विश्वास को दिखाता है। उन्होंने इसे जन-केंद्रित शासन और स्थानीय स्तर पर सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संकेत बताया।
संगठन और नेतृत्व की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने गोवा भाजपा अध्यक्ष दामु नाइक और पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने सरकार के विजन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत की, जिसका असर अब चुनावी नतीजों में दिख रहा है।
एनडीए गठबंधन की जीत को लेकर पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे राज्य में विकास परियोजनाओं, पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह शासन को और मजबूती मिलेगी। पंचायत स्तर से मिले इस समर्थन को आने वाले राजनीतिक फैसलों के लिए अहम माना जा रहा है।









