Haryana News: बहादुरगढ़ से गुजरने वाले कटरा एक्सप्रेसवे पर अब सफर सिर्फ तेज़ ही नहीं, सुविधाजनक भी होने जा रहा है। हरियाणा सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हरियाणा सीमा के भीतर इस एक्सप्रेसवे पर 12 आधुनिक रेस्ट एरिया विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
योजना पर काम जल्द शुरू होने की संभावना है और इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कटरा एक्सप्रेसवे का हरियाणा में करीब 135 किलोमीटर लंबा हिस्सा नवंबर 2024 में चालू हो चुका है।

एक्सप्रेसवे खुलने के बाद से ही इस रूट पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। तेज़ रफ्तार के साथ लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को अब बीच रास्ते ठहरने, आराम करने और जरूरी सुविधाओं की जरूरत साफ तौर पर महसूस होने लगी थी। इसी जरूरत को देखते हुए रेस्ट एरिया का खाका तैयार किया गया है।
एनएचएआई की ओर से जसौर खेड़ी से करीब 34 किलोमीटर तक फैले कटरा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर 1866 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है।
रेस्ट एरिया में पार्किंग, शौचालय, फूड कोर्ट और बुनियादी सुविधाएं शामिल रहने की संभावना है, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को बार-बार एक्सप्रेसवे से बाहर न निकलना पड़े।
इसी बीच केएमपी और कटरा एक्सप्रेसवे का निलौठी के पास जीरो पॉइंट इंटरचेंज भी चर्चा में है। यहां डबल ट्रम्पेट इंटरचेंज का काम तेज़ी से चल रहा है, हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।
अधिकारियों के मुताबिक इसे पूरा होने में अभी करीब दो महीने और लग सकते हैं। इस इंटरचेंज के चालू होने के बाद केएमपी से कटरा एक्सप्रेसवे पर आने-जाने वाले वाहनों से टोल वसूला जाएगा, जिसके लिए अलग से टोल प्लाजा बनाया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि केएमपी पर सीधे सफर करने वाले वाहनों के लिए फ्लाईओवर का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।
बावजूद इसके, पूरा इंटरचेंज प्रोजेक्ट तय समय से करीब 14 महीने पीछे चल रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रबंधन पर भी असर पड़ा है।
अगर पूरे प्रोजेक्ट की बात करें तो दिल्ली से कटरा तक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 650 किलोमीटर है। इस लंबे रूट पर हरियाणा में 8 और पंजाब में 13 टोल प्लाजा बनाए जाने हैं।
करीब 40 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट को दो फेज और 18 पैकेजों में तैयार किया जा रहा है। लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2025 और अप्रैल 2026 तक अधिकतर हिस्सों का काम पूरा कर लिया जाए।









