गुरुग्राम/मानेसर (Gurugram/Manesar): गुरुग्राम और मानेसर के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। बहुत जल्द मानेसर के नाहरपुर-कासन इलाके में नया सिटी बस डिपो (city bus depot) बनाया जाएगा।
इस डिपो के शुरू होने से न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 80 से 95 तक के हजारों लोग और मानेसर के दो दर्जन से ज्यादा गांवों की आबादी को सिटी बस सेवा (city bus service) का सीधा फायदा मिलेगा।
लंबे समय से थी डिपो की मांग
इन इलाकों में लगातार बढ़ती आबादी और सीमित बस सुविधा के कारण लंबे समय से एक बड़े बस डिपो की मांग उठ रही थी। खासतौर पर मानेसर औद्योगिक क्षेत्र (industrial area), नई टाउनशिप और विस्तार होते सेक्टरों को देखते हुए नाहरपुर-कासन में बड़े डिपो की जरूरत महसूस की जा रही थी।

गुरुग्राम मेट्रो सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) फिलहाल सेक्टर 10 और सेक्टर 54 से बस डिपो का संचालन कर रहा है। इसके अलावा सेक्टर 48 में आधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो (electric bus depot) का निर्माण चल रहा है और सेक्टर 103 में भी एक और सिटी बस डिपो विकसित किया जा रहा है।
11.3 एकड़ जमीन मिली उपयुक्त
GMDA के एक अधिकारी के मुताबिक नाहरपुर-कासन में दो जगहों पर जमीन का सर्वे (survey) किया गया था। इनमें से 11.3 एकड़ भूमि बस डिपो के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाई गई है।
यह जमीन HSIDC के पास है और अब GMDA के CEO इसकी अलॉटमेंट (allotment) के लिए आधिकारिक प्रस्ताव भेजेंगे। इसके बाद ही काम की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
400 नई इलेक्ट्रिक बसें भी आने वाली हैं
फिलहाल GMCBL 26 रूट पर करीब 150 लो-फ्लोर बसों (low-floor buses) का संचालन कर रहा है। लेकिन जल्द ही गुरुग्राम को 400 नई इलेक्ट्रिक बसें (electric buses) मिलने वाली हैं।
ऐसे में मानेसर में नया बस डिपो बनने से बसों की संख्या बढ़ेगी, रूट फ्रीक्वेंसी (route frequency) में सुधार होगा और नए क्षेत्रों में बस सेवा शुरू की जा सकेगी।
कामकाजी लोगों और छात्रों को मिलेगी सुविधा
इससे कामकाजी लोगों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वालों, खासतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को काफी सुविधा होगी।
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी (Gurugram University) के छात्रों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी (connectivity) मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा डिपो
नाहरपुर-कासन डिपो में सिर्फ बस पार्किंग ही नहीं, बल्कि कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी:
- ई-बस चार्जिंग स्टेशन (e-bus charging station)
- मेंटेनेंस वर्कशॉप (maintenance workshop)
- ड्राइवर सुविधा केंद्र (driver facility center)
इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट (public transport) मजबूत होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही ट्रैफिक जाम और प्रदूषण (pollution) की समस्या में भी कमी आएगी।
मानेसर और न्यू गुरुग्राम के विकास को देखते हुए यह कदम सही समय पर उठाया गया है। अब देखना यह है कि HSIDC से जमीन की अलॉटमेंट कितनी जल्दी होती है और डिपो का निर्माण कार्य कब शुरू होता है।









